छत्तीसगढ़
नाबालिग अपराध मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी को 20 साल जेल और जुर्माना
Shantanu Roy
18 Aug 2026 10:02 PM IST

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Kondagaon. कोंडागांव। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और उसके साथ गंभीर अपराध करने के मामले में कोंडागांव न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी लखेश्वर कश्यप को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा दी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन के आधार पर आरोपी को सजा दिलाई गई। पुलिस के अनुसार महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
नाबालिग के गायब होने की दर्ज हुई थी शिकायत
मामला कोंडागांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक 6 फरवरी 2025 को मुलमुला निवासी बुदर विश्वकर्मा ने थाना कोंडागांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 95/2025 दर्ज किया। प्रारंभिक रूप से मामले में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तलाश कर बरामद की थी बालिका
नाबालिग की तलाश के लिए पुलिस ने तत्काल टीम गठित की। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पतासाजी करते हुए आरोपी की जानकारी जुटाई। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने नाबालिग बालिका को आरोपी लखेश्वर कश्यप के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पीड़िता के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 87, 64, 64(2), 137(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कार्रवाई की।
कोर्ट में पेश किए गए मजबूत साक्ष्य
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए। कोर्ट ने सभी तथ्यों, गवाहों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद आरोपी लखेश्वर कश्यप को दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस की कार्रवाई से मिला पीड़िता को न्याय
कोंडागांव पुलिस ने बताया कि मामले में नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी के साथ-साथ जांच प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा किया गया। प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय और कोंडागांव थाना पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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